Home Universities लविवि: एसपी सिंह गए, छात्र नेता बोले- खत्म हुई तानाशाही, अब नई नीतियों पर काम करे विश्वविद्यालय

लविवि: एसपी सिंह गए, छात्र नेता बोले- खत्म हुई तानाशाही, अब नई नीतियों पर काम करे विश्वविद्यालय

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लखनऊ
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी सिंह का तीन वर्षीय कार्यकाल खत्म होने के साथ ही राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने एलयू के रजिस्ट्रार एसके शुक्ला को कार्यवाहक वीसी बना दिया है। अगले 6 माह या कुलपति पद पर नियमित नियुक्ति होने तक एसके शुक्ला पद पर रहेंगे। नया कार्यभार ग्रहण करने के बाद शुक्ला को लविवि के तमाम शिक्षकों समेत छात्रों ने बधाई दी। ऐक्टिंग वीसी शुक्ला के द्वारा कार्यभार ग्रहण किये जाने के बाद कई छात्र एवं शिक्षक उन्हें शुभकामनाएं देने उनके कार्यालय पहुंचे। ऐक्टिंग वीसी भी इस दौरान ऐक्ट करने से नहीं चूके और देर शाम तक छात्रों-शिक्षकों से मिलते रहे। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिया कि वह उनकी समस्याओं का समाधान करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। लविवि को नया कार्यवाहक कुलपति मिलने के बाद एजुकेशन बीट्स ने छात्रों से बात की और यह समझने की कोशिश की कि आखिर उनकी नए कार्यवाहक वीसी से क्या अपेक्षाएं हैं।

 

छात्राओं को परिसर में मिले भयमुक्त माहौल: पूजा शुक्ला
लखनऊ विश्वविद्यालय की वरिष्ठ छात्र नेता एवं समाजवादी छात्रसभा की निवर्तमान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूजा शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय में अब तानाशाही खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि विश्वविद्यालय का माहौल छात्र-शिक्षक के संवाद से बेहतर होगा और विश्वविद्यालय में मनमाने तरीके से बढ़ी फीस को कम करके गरीब छात्रों को केंद्र में रखकर विश्वविद्यालय नई नीतियों का निर्माण करके काम करेगा। पूजा ने कार्यवाहक कुलपति से मांग की कि छात्राओं के लिए बेहतर व्यवस्था के साथ उन्हें परिसर में भय रहित माहौल दिया जाए, साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव को जल्द से जल्द बहाल कराया जाए।

 

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समाप्त हुआ लविवि का काला अध्याय: विवेक सिंह मोनू
इस दौरान लविवि के वरिष्ठ छात्रनेता एवं एबीवीपी के राज्य विश्वविद्यालय कार्य प्रमुख विवेक सिंह मोनू ने एसपी सिंह के कार्यकाल की समाप्ति को एक काले अध्याय की समाप्ति बताया। उन्होंने कहा कि अब विश्वविद्यालय में कुछ अच्छा होने की उम्मीद जगी है। वहीं एबीवीपी के प्रदेश सहमंत्री राजशेखर ने कहा कि बीते तीन सालों में छात्र एवं शिक्षक के संवाद बिल्कुल टूट सा गया है। नए कार्यवाहक कुलपति छात्र एवं शिक्षक के बीच संवाद स्थापित करें और तानाशाह प्रॉक्टर द्वारा छात्रों पर दर्ज कराए गए मुकदमों और निष्कासन को वापस लेकर निर्दोष छात्रों को इस बगिया से जुड़ने का मौका दें। उन्होंने कहा कि कुलपति से निवेदन है कि डर,मायूसी व तानाशाही के मौहाल को खत्म करके पुनः विश्वविद्यालय में शैक्षिक वातावरण बनाएं।

 

अभिभावक धर्म निभा फर्जी निलंबन वापस लें कुलपति: महेन्द्र यादव
छात्रनेता महेन्द्र यादव ने सिंह के कार्यकाल को ब तक के विश्वविद्यालय के इतिहास में सबसे शर्मनाक और विध्वंसकारी बताते हुए कहा कि नए कार्यवाहक कुलपति उन्हें उम्मीद है कि वह छात्रों के हित में काम करेंगे। समाजवादी पार्टी से जुड़े महेन्द्र ने कहा कि कार्यवाहक कुलपति फीस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के अलावा विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की बहाली करें। महेन्द्र ने कहा कि विश्वविद्यालय में गलत तरीके से हुए फर्जी निलंबन और निष्कासन को तत्काल प्रभाव से वापस लेकर कार्यवाहक कुलपति अभिभावक धर्म का पालन करें। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परिसर के आवासीय छात्रों को तत्काल प्रभाव से कॉशन मनी वापस दी जाए।

 

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एबीवीपी ने किया नए कार्यवाहक कुलपति का स्वागत
लविवि के नए कार्यवाहक कुलपति के स्वागत में छात्रों के द्वारा लखनऊ विश्वविद्यालय में एक समारोह का आयोजन किया गया। एबीवीपी द्वारा आयोजित इस समारोह में शामिल हुए छात्रों ने एसके शुक्ल को माला पहनाकर उनका स्वागत किया। स्वागत समारोह में एबीवीपी लखनऊ विश्वविद्यालय के इकाई मंत्री अतुल सिंह, पूर्व महानगर मंत्री उज्जवल त्रिपाठी, लविवि के पूर्व अध्यक्ष राजाराम, सहमंत्री सौरभ सिंह राजपूत, अनुराग, सौरभ पांडे समेत अनेक छात्र शामिल रहे।

 

 

लविवि की एबीवीपी यूनिट के मंत्री अतुल सिंह ने एजुकेशन बीट्स से बातचीत में कहा, किसी की तानाशाही ज्यादा दिन तक नहीं चलती है। अब वह समय आ गया है जब विश्वविद्यालय पुनः अपने गौरव को हासिल करेगा।'

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