Home Universities ओपन बुक टेस्ट में बढ़ी दिक्कतें, DU से रद्द करने की मांग

ओपन बुक टेस्ट में बढ़ी दिक्कतें, DU से रद्द करने की मांग

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दिल्ली विश्वविद्यालय का ओपन बुक मॉक टेस्ट पहले दिन ही विफल हो गया। पोर्टल क्रैश होने से छात्र-छात्राओं को पेपर अपलोड और डाउनलोड करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मॉक टेस्ट देने की जगह छात्र तकनीकी उलझन में फंस कर रह गए। मॉक टेस्ट में आई इस तकनीकी खामी के बाद अब ओपन बुक टेस्ट को ही रद्द करने की मांग उठाई जा रही है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार के समक्ष यह मांग रखी है। दिल्ली विश्वविद्यालय में 10 जुलाई से ओपन बुक टेस्ट परीक्षा होनी है। इसको लेकर शनिवार से मॉक टेस्ट शुरू किया गया, लेकिन सुबह से ही छात्रों को समस्या का सामना करना पड़ा। छात्र टेस्ट में शामिल तो हुए लेकिन कई बार पोर्टल क्रैश की समस्या का सामना करना पड़ा।

 

कई छात्रों का टेस्ट तो पूरा हो गया लेकिन उसे अपलोड करने में परेशानी हुई। यही कारण रहा कि दिनभर छात्र-छात्राएं शिकायतों को लेकर विश्वविद्यालय से शिकायत करते रहे। छात्र संगठन एनएसयूआई ने भी मॉक टेस्ट की विफलता को लेकर डीयू प्रशासन की कड़ी निंदा करते हुए परीक्षा रद्द करने की मांग की। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा, "मौजूदा ऑनलाइन मॉक टेस्ट व्यवस्था दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले 4 लाख छात्रों के भविष्य पर एक बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा रही है। इस विषय पर मैं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को एक पत्र लिखने जा रहा हूं जिसके माध्यम से ऑनलाइन परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की जाएगी।"

 

इस संबंध में डूटा अध्यक्ष डॉ. राजीव रे ने कहा, "जब मॉक टेस्ट में ही छात्रों को इतनी परेशानी हो रही है तो बुक टेस्ट में क्या हाल होगा। ऐसे में यूजीसी को जल्द ही संशोधित गाइडलाइंस जारी करनी चाहिए।" विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के सदस्य डॉ. राजेश झा ने डीयू कुलपति प्रोफेसर योगेश त्यागी को पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा, "कुछ छात्रों को परीक्षा के दौरान अपने पिछले सेमेस्टर के प्रश्न पत्र प्राप्त हो रहे हैं, वहीं कुछ छात्रों की यह भी शिकायत है कि उनके पासवर्ड गलत हैं।"

 

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तृतीय वर्ष के बीएससी की छात्रा ने नैना कश्यप ने कहा, "मॉक टेस्ट के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं को अपलोड करने में काफी दिक्कत हुई है। सुबह 11 बजे से लिंक निष्क्रिय हो गया था। यहां तक कि जो प्रश्न पत्र दिया गया था वह भी छात्रों के लिए उपयोगी नहीं था।" लॉकडाउन को देखते हुए डीयू द्वारा ओपन बुक टेस्ट की व्यवस्था की गई है। हालांकि, छात्र संगठन और शिक्षक संघ इसका लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं।
 

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