Home Universities लविवि में योग विषय पर ऑनलाइन वर्कशॉप का आयोजन

लविवि में योग विषय पर ऑनलाइन वर्कशॉप का आयोजन

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लखनऊ
लखनऊ विश्वविद्यालय के योग एवं वैकल्पिक चिकित्सा संकाय के तत्वावधान में रविवार को वर्चुअल माध्यम से विशिष्ट व्याख्यान का आयोजित किया गया। इस व्यख्यानमाला के मुख्य वक्ता प्रो. देव संस्कृति विश्विद्यालय योग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सुरेश लाल बरनवाल थे।

 

प्रो. सुरेश लाल बरनवाल ने बताया कि व्यक्ति का जीवन मात्र पेट और प्रजनन के लिए ही नहीं है बल्कि जीवन मे सद्भाव, सदविचार एवं सद्कर्म होना चाहिए। जीवन में इन गुणों के विकास के लिए योग का अभ्यास एक ससक्त माध्यम है लेकिन आज की यह विडंबना है कि हमने आसनों को ही योग मान लिया है और बाजारू प्रवृत्ति के लोगों ने इसे इस प्रकार प्रचारित एवं प्रसारित कर दिया है कि जन सामान्य आसनों को ही योग मान बैठा है जोकि सर्वथा अनुचित है। जीवन की सम्रगता के लिए यम, नियम, आसान, प्राणायाम, प्रत्याहार धारणा, ध्यान समाधि का नियमबद्ध ढंग से अभ्यास करना चाहिए। योग के अभ्यास से जीवन मे लयबद्धता आती है कार्य संस्कृति विकसित होती है तथा भाव एवं कर्म की शुद्धि भी होती है जोकि शारीरिक, मानशिक, सामाजिक, आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है। स्वस्थ व्यक्ति ही धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष में सक्षम हो पाएगा इसलिए परिपूर्ण स्वास्थ्य एवं जीवन के लिए केवल आसनों का ही अभ्यास न करें बल्कि यम नियम के साथ प्रत्याहार, धारणा, ध्यान का भी अभ्यास करें।

 

व्यख्यान के दौरान फैकल्टी के कोऑर्डिनेटर डॉ अमरजीत यादव ने कहा कि आधुनिक युग में स्वस्थ रहना एवं परिपूर्ण जीवन यापन करना चुनौती भरा कार्य है। वहीं, दूसरी तरफ व्यक्ति को मानवीय गुणों से ओत प्रोत रहते हुए उसे स्वस्थ रहना भी अनिवार्य है जो व्यक्ति तन, मन से स्वस्थ है उस व्यक्ति के माध्यम से ही जीवन से सम्बंधित कार्यो को कुशलता पूर्वक सम्पन्न होने की अपेक्षा अधिक होती हैं। व्यक्तिगत जीवन को मानवीय गुणों से सुसज्जित करने हेतु अष्टांग योग, हठ योग, घेरण्ड संहिता इत्यादि में वर्णित योगाभ्यास को अपने जीवन मे उतारने से लक्ष्य की प्राप्ति होगी। कोरोना काल में स्वास्थ्य एक गंभीर चुनौती बना हुआ है, इस चुनौती से निकलने के लिए योगिक आहार योगिक आसन, योगिक प्राणायाम, एवं योगिक दिनचर्या महत्वपूर्ण साधन है। व्याख्यान के दौरान योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के शिक्षक, चिकित्सक एवं छात्र छात्राएं शामिल थे।

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