Home Universities रंग लाया लूटा का आंदोलन, 6 महीने के लिए कुलसचिव एसके शुक्ला को मिला कुलपति का चार्ज

रंग लाया लूटा का आंदोलन, 6 महीने के लिए कुलसचिव एसके शुक्ला को मिला कुलपति का चार्ज

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लखनऊ
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी सिंह का तीन वर्षीय कार्यकाल सोमवार को पूरा हो गया। इसी के साथ भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आंदोलनरत लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की एसपी सिंह का कार्यकाल न बढ़ाए जाने की इच्छा भी पूरी हो गई। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने एलयू के रजिस्ट्रार एसके शुक्ला को कार्यवाहक वीसी बनाया है। अगले 6 माह या कुलपति पद पर नियमित नियुक्ति होने तक एसके शुक्ला पद पर रहेंगे।

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कुलाधिपति कार्यालय से आदेश जारी होने के बाद सोमवार शाम को वीसी प्रो. एसपी सिंह ने एसके शुक्ल को पदभार सौंप दिया। उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा-12 (10) के अंतर्गत एसके शुक्ला को कार्यवाहक कुलपति बनाया गया है। शुक्ला ने शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों की समस्याएं प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का वादा किया है। लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (लूटा) के अध्यक्ष डॉ. नीरज जैन, महामंत्री डॉ. विनीत वर्मा समेत सभी शिक्षकों ने एसके शुक्ला को कार्यवाहक कुलपति बनने पर बधाई दी। इसके साथ ही लूटा ने मांग की है कि नए कार्यवाहक कुलपति भ्रष्टाचार के मामले पर कड़ा रुख अपनाएं।

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एजुकेशन बीट्स से बातचीत में लूटा महामंत्री विनीत वर्मा ने उम्मीद जताई कि कार्यवाहक कुलपति एसके शुक्ला लूटा के द्वारा उठाए गए मुद्दों का संज्ञान लेंगे। उन्होंने एजुकेशन बीट्स के माध्यम से कार्यवाहक कुलपति से निम्न मांगें कीं:

  • इंजीनियरिंग फैकल्टी पर खर्च किए गए धन की मदवार जांच कराई जाए।

  • प्रवीण प्रकाश द्वारा टैगोर पुस्तकालय में ई-कंटेंट और पुस्तक की खरीद में जिस अनियमितता को सामने लाया गया है, उसकी जांच करवाई जाए।

  • वेतन विसंगति तत्काल दूर की जाए तथा तत्काल सभी शिक्षकों का प्रमोशन किया जाए।

  • नई लॉ बिल्डिंग से हटाए गए पुराने पत्थर को वापस स्थापित किया जाए।

  • कला एवं शिल्प महाविद्यालय के प्रकरण में राजभवन के आदेश पर तत्काल कार्रवाई हो।

  • अरबिक एवं अरब कल्चर विभाग को उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।

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