Home Universities CAB के खिलाफ छात्रों का 'रण हुंकार': कलाकार, बुद्धिजीवी भी हुए शामिल

CAB के खिलाफ छात्रों का 'रण हुंकार': कलाकार, बुद्धिजीवी भी हुए शामिल

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गुवाहाटी

विवादास्पद नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ छात्रों ने गुवाहाटी की प्रतिष्ठित कॉटन स्टेट यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को ‘रण हुंकार’ का आयोजन किया जिसमें बुद्धिजीवियों और कलाकारों ने भी हिस्सा लिया। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) ने विधेयक के खिलाफ पूरे असम में 30 स्थानीय संगठनों के साथ प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा राज्य के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के पुतले फूंके। विधेयक सोमवार को संसद में पेश किया जा सकता है।
 

विधेयक में प्रावधान है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले गैर मुस्लिम शरणार्थियों को अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा और अगर छह दशक पुराने नागरिकता कानून में प्रस्तावित संशोधन प्रभावी होता है तो उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएगी। मशहूर शिक्षाविद और बुद्धिजीवी हीरेन गोहेन, पत्रकार अजित कुमार भूइंया, मशहूर गायक और अभिनेता जुबीन गर्ग तथा गायक मानस रॉबिन उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने कॉटन स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। प्रदर्शन में विभिन्न कॉलेजों के छात्रों ने हिस्सा लिया।
 

सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि सीएबी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है और इसे वापस लिए जाने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। गोहेन ने कहा, 'यह सुखद है कि राज्य के सभी छात्र संगठनों ने विधेयक का विरोध किया है और क्षेत्र के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान कॉटन स्टेट यूनिवर्सिटी ने सीएबी के खिलाफ रण हुंकार का आयोजन किया है। इससे स्थानीय निवासियों की पहचान को खतरा है।'
 

गर्ग ने कहा कि कोई भी असमी नागरिक सीएबी को स्वीकार नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा, 'मैं छात्रों के साथ हूं जो विधेयक का विरोध कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'किसी भी छात्र संगठन ने विधेयक का समर्थन नहीं किया है और केंद्र तथा राज्य की भाजपा सरकार को इसका संज्ञान लेना चाहिए तथा महज राजनीति के लिए इस पर आगे नहीं बढ़ना चाहिए।' डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के परास्नातक छात्र संघ तथा कॉटन स्टेट यूनिवर्सिटी के छात्र संघ ने मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल सहित सत्तारूढ़ भाजपा, आरएसएस के सदस्यों तथा विधेयक का समर्थन करने वालों को इन दोनों विश्वविद्यालयों के परिसर में प्रवेश पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा रखा है।
(भाषा)

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