Home Universities मेरठ यूनिवर्सिटी में होगी कोरोना वायरस की पढाई, एक साल का होगा डिप्लोमा कोर्स

मेरठ यूनिवर्सिटी में होगी कोरोना वायरस की पढाई, एक साल का होगा डिप्लोमा कोर्स

EduBeats

मेरठ 
चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस अब तक 145 से ज्यादा देशों में पहुंच गया है। इसके संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 8419 को पार कर गई है। अमेरिका से लेकर भारत समेत कई अलग-अलग देशों में वैज्ञानिक इस वायरस का तोड़ खोजने में जुटे हैं। रोज नए-नए रिसर्च और अध्ययन सामने आ रहे हैं। इन सब के बीच उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में कोरोना वायरस पर कोर्स चलाने का फैसला लिया गया है।


दुनिया के 160 से ज्यादा देशों और दो लाख से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले चुके इस वायरस पर कोर्स शुरू करने वाला पहला देश है भारत। जो यूनिवर्सिटी ये कोर्स शुरू कर रही है, वह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित है।


यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर एनके तनेजा का कहना है कि इस कोर्स में सार्स और कोरोनावायरस की पढ़ाई कराई जाएगी। यह कोर्स यूनिवर्सिटी में चल रहे एक साल के डिजास्टर मैनेजमेंट डिप्लोमा का ही हिस्सा होगा। इसके लिए कोर्स स्ट्रक्चर बनाने की जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी के जूलॉजी, बॉटनी और एनवायर्नमेंटल साइंसेज डिपार्टमेंट्स के प्रमुखों को दे दी गई है। 


यूनिवर्सिटी का कहना है कि यहां चल रहे साइंस के तीन अलग-अलग कोर्सेज में भी स्टूडेंट्स को कोरोनावायरस की पढ़ाई कराई जाएगी। डिजास्टर मैनेजमेंट का पूरा कोर्स दो सेमेस्टर का होगा। इसमें पहले सेमेस्टर में फ्लड, लैंड स्टॉर्म्स, सी स्टॉर्म्स की पढ़ाई कराई जाएगी। फिर दूसरे सेमेस्टर में जूलॉजी और बायोलॉजी विभागों की मदद से नोवेल कोरोनावायरस की पढ़ाई कराई जाएगी।


कुलपति के अनुसार यह कोर्स अगले दो महीने में शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए अनुमति भी मिल चुकी है। अब इसे यूनिवर्सिटी के एकेडेमिक काउंसिल के समझ अन्य जरूरी स्वीकृतियों के लिए पेश किया जाएगा। कोर्स की फीस कितनी होगी, इसका निर्धारण अभी नहीं किया गया है।

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