Home Universities लविवि कैसे बने नंबर-1, कुलपति संग लूटा भी तैयारियों में जुटा

लविवि कैसे बने नंबर-1, कुलपति संग लूटा भी तैयारियों में जुटा

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लखनऊ

लखनऊ विश्वविद्यालय में सांख्यिकी विभाग और लविवि अध्यापक संघ के संयुक्त तत्वाधान में शताब्दी वर्ष में पहला व्याख्यान आयोजित किया गया। इस व्याख्यान को सांख्यिकी विभाग के भूतपूर्व छात्र एवं कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के विशिष्ट प्रोफेसर अमन उल्लाह ने दिया।  
 

'A Journey in Search of the Unknown True Model: Data Based Nonparametric Econometrics and Statistics' विषय पर व्याख्यान में प्रो. अमन उल्लाह ने पैरामीट्रिक और नॉन पैरामीट्रिक संयुक्त मॉडल के बारे में बात की। प्रो. अमन उल्लाह ने व्याख्यान में जीडीपी और पोल्यूशन इंडेक्स के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि आज की गंभीर समस्या वायु प्रदुषण के आकलन एवं उसके समाधान में अति प्रासंगिक एवं उपयोगी हो सकता है।
 

लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति शैलेश कुमार शुक्ला ने पूर्व अध्यापकों एवं पूर्व छात्रों के अनुभव का लाभ वर्तमान छात्रों को मिले इसके लिए प्रेरित किया। कुलपति ने एक पूर्व छात्र चैप्टर स्थापित करने का सुझाव दिया। इस सुझाव में कहा गया कि एक कमरा चैप्टर के रूप में दिया जाए, जिसमें पूर्व अध्यापक एवं पूर्व छात्र जब चाहें अपने समय पर आकर वर्तमान छात्रों का मार्गदर्शन कर सकें और उनकी सहायता से विभाग में अनेक प्रकार के अकादमिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।
 

प्रो. शीला मिश्रा ने प्रो. अमन उल्लाह के लखनऊ विश्वविद्यालय में बिताए हुए छात्र जीवन और उसके विश्वस्तरीय उपलब्धियों के बारे में बताया। लूटा के अध्यक्ष डॉ. नीरज जैन ने लखनऊ विश्वविद्यालय में शैक्षिणक गुणवत्ता को बढ़ाये जाने के लिए लूटा के प्रयासों का विवरण दिया। लूटा के महामंत्री डॉ. विनीत वर्मा ने लखनऊ विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालयों की श्रेणी में प्रथम स्थान तथा विशेष दर्जा दिलाए जाने के लूटा प्रयासों के विषय में विस्तृत चर्चा की।
 

इस व्याख्यान में प्रो. एके सक्सेना, प्रो. एसके श्रीवास्तव, प्रो. एके श्रीवास्तव, प्रो. जीके शुक्ला, प्रो.  शलभ, प्रो. मधुलिका दुबे, प्रो. पूनम टंडन, डॉ. अलका मिश्रा, डॉ. भानु, प्रो. मोनिशा बनर्जी, प्रो. दुर्गेश श्रीवास्तव, डॉ. आकाश अस्थाना, अशोक कुमार, अनुपमा सिंह तथा अन्य शिक्षक और विद्यार्थी भी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंजली सिंह ने किया।

 

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