Home Universities KMCU: मेस की समस्याओं को लेकर समाजवादी छात्रों का धरना, पुलिस ने बरसाईं लाठियां

KMCU: मेस की समस्याओं को लेकर समाजवादी छात्रों का धरना, पुलिस ने बरसाईं लाठियां

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लखनऊ

लखनऊ के आईआईएम रोड स्थित ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय में मेस की समस्याओं को लेकर बीते तीन दिनों से धरनारत छात्रों के समर्थन में शुक्रवार को समाजवादी छात्रसभा के छात्रनेता भी विश्विद्यालय पहुंचे। छात्रसभा के नेताओं की भीड़ को बढ़ता देख विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। छात्रसभा के नेताओं का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने बहुत ही बर्बरतापूर्ण रवैया अपनाते हुए उचित मांगों पर धरतारत छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस के लाठीचार्ज में समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह देव भी गंम्भीर रूप से घायल हो गए। हालांकि एक ओर जहां मड़ियांव पुलिस ने लाठीचार्ज के दावों का खंडन किया है, वहीं एजुकेशन बीट्स के पास मौजूद विडियो में साफ पता लग रहा है कि पुलिस ने छात्रनेताओं पर जमकर लाठियां बरसाई थीं।

 

छात्रनेताओं का आरोप है कि जब छात्रों पुलिस को बताया कि धरने में शामिल होने समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष भी आए हैं, तो क्षेत्राधिकारी और कोतवाल आग बबूला हो गए। छात्रनेता महेन्द्र ने बताया कि कई पुलिसवालों ने मिलकर हम लोगों को बुरी तरह से मारा पीटा, इसके बाद जब छात्रों ने शोर मचाना शुरू किया तो उनके के ऊपर भी लाठीचार्ज कर दिया गया। उन्होंने कहा, 'मैं यह पूछना चाहता हूं कि गरीब मजदूर किसान का बेटा जो विद्यालय में फीस भरता है, और अगर उसे कोई असुविधा है तो क्या वह अपनी बात नहीं कर सकता? हम छात्रों-नौजवानों की लड़ाई नहीं लड़ेंगे तो कौन लड़ेगा? पुलिस लाठी-गोली की ताकत से कब तक छात्रों की आवाज को दबाएंगे, आपकी लाठियों-गोलियों से हम डरने वाले नहीं हैं और छात्रों और छात्र हितों के लिए आजीवन लड़ते रहेंगे।'

 

 

छात्रों के दावे के मुताबिक, पुलिस के लाठीचार्ज में समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह देव, छात्रनेता अंकित सिंह बाबू, महेंद्र कुमार यादव और हिमांशु यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद पुलिस सभी छात्रनेताओं को गिरफ्तार कर मड़ियांव थाने ले गई जहां समाजवादियों को इकठ्ठा होते देख पुलिस उन्हें मेडिकल के लिए ले गई। छात्रनेताओं का आरोप है कि रात 2 बजे तक अनजान जगहों पर घुमाने के बाद जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रात में कप्तान कलानिधि नैथानी से बात की तो सभी का लोहिया अस्पताल में मेडिकल कराया गया और सभी को छोड़ा गया।

 

दूसरी ओर मड़ियांव पुलिस ने छात्रनेताओं के दावे का खंडन किया है। मड़ियांव थाने के एसएचओ विपिन कुमार सिंह ने एजुकेशन बीट्स से बातचीत में कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुछ बाहरी छात्रों के विश्वविद्यालय में आने की जानकारी दी। उन्हें वहां से बस बाहर निकाला गया और बाद में मेडिकल कराने के बाद छोड़ दिया। उन्होने कहा कि उनपर किसी तरह का लाठीचार्ज नहीं किया गया था। हालांकि एजुकेशन बीट्स के पास मौजूद विडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस ने लाठियां लाई थीं।

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