Home Photo-gallery अयोध्या: 5 लाख 51 हजार दीपों संग बना वर्ल्ड रिकॉर्ड, आचार्य मनोज दीक्षित हैं दीपोत्सव के पीछे के असली 'चाणक्य'

अयोध्या: 5 लाख 51 हजार दीपों संग बना वर्ल्ड रिकॉर्ड, आचार्य मनोज दीक्षित हैं दीपोत्सव के पीछे के असली 'चाणक्य'

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अयोध्या
श्री राम की नगरी अयोध्या दीवाली की पूर्व संध्या पर जगमगा रही थी। दिवाली से एक दिन पहले शनिवार को यह लगातार तीसरा मौका था जब जब अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन किया गया। और यह मौका खास इसलिए भी हो जाता है क्योंकि 5 लाख 51 हजार दीपों के साथ अयोध्या के अवध विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विश्व रिकॉर्ड भी बना लिया है। इतना ही नहीं, इस रिकॉर्ड को बनाने के साथ ही अवध विश्वविद्यालय ने पिछले साल अपने द्वारा ही बनाया गया रिकॉर्ड तोड़ दिया। दीपोत्सव कार्यक्रम में मौजूद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने प्रमाण पत्र देकर योगी सरकार और अवध विश्वविद्यालय को सम्मानित किया। 

अवध विश्वविद्यालय के हजारों वॉलिंटियर्स ने राम की पैड़ी पर तो अयोध्या के सभी प्रमुख मंदिरों में तो दीप जलाए ही, साथ ही अयोध्यावासियों के सहयोग से शनिवार को पूरी अयोध्या जगमगा उठी। वैसे तो यह सफलता सामूहिक है, फिर भी इस सफलता के पीछे एक 'चाणक्य' है। एक चाणक्य, जिसने अवध विश्वविद्यालय के सोए हुए चंद्रगुप्तों को जगाया, उन्हें उनकी शक्ति का अहसास दिलाया और बना दिया दीपोत्सव का विश्व रिकॉर्ड... जी हां! हम बात कर रहे हैं अवध विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित की। यह आचार्य मनोज की मेहनत और समर्पण का ही फल है कि आज श्रीराम की नगरी अयोध्या विश्वपटल पर एक अलग पहचान बनाने में सफल हुई है।

आचार्य मनोज ने समझाई कार्यक्रम की महत्ता
आचार्य मनोज दीक्षित के छात्र रहे लविवि के छात्रनेता विवेक सिंह मोनू ने बताया कि मनोज दीक्षित अपनी जिम्मेदारी को अपने निजी काम की तरह करते हैं। उन्होंने कहा, ' वैसे तो बहुत से शिक्षक जीवन में आए लेकिनमेरा गुरुजी (मनोज दीक्षित) से निजी लगाव है, इसकी एक वजह तो छात्रों के प्रति उनकी आत्मीयता है लेकिन दूसरी वजह अपनी जिम्मेदारी के प्रति उनका समर्पण है। वह हर जिम्मेदारी को ऐसे निभाते हैं, जैसे अपने घर का कोई काम कर रहे हों।' मोनू ने बताया कि मनोज दीक्षित ने विश्वविद्यालय के छात्रों सहित अन्य छात्रों तथा स्थानीय लोगों को कार्यक्रम के प्रति जागरूक किया। उन्होंने न सिर्फ कार्यक्रम की सफलता के लिए लोगों का सहयोग मांगा बल्कि कार्यक्रम की महत्ता भी समझाई।

तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड
आपको बता दें कि साल 2018 में जब मनोज दीक्षित डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति बने तो उन्होंने प्रदेश के सीएम योगी के सामने दीपोत्सव कार्यक्रम करना का प्रस्ताव रखा। सीएम ने इसके लिए हां कर दी और 2018 में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 2019 में दीपोत्सव कार्यक्रम ने पिछले साल का अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। 

योगी बोले- अयोध्या के नाम से डरती थीं पुरानी सरकारें
दीपोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे सीएम योगी ने सबसे पहले राम, सीता और लक्ष्मण के हेलिकॉप्टर से अयोध्या आगमन पर तिलक लगाकर उनका स्वागत किया। सीएम योगी खुद आरती के साथ सीता-राम की अगवानी की। इसके बाद उन्होंने अपने संबोधन में प्रदेश और केंद्र की मोदी सरकार की तारीफ की। विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछले सरकारें अयोध्या के नाम से पहले की सरकारें अयोध्या के नाम से डरती थीं, लेकिन अपने कार्यकाल के दौरान मैं डेढ़ दर्जन बार यहां आ चुका हूं। इस मौके पर सीएम योगी ने 226 करोड़ की परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारी सात पवित्र नगरियों में तीन पवित्र नगरी अयोध्या, काशी और मथुरा हमारे उत्तर प्रदेश में हैं। देश और दुनिया में इतना समृद्ध एवं सांस्कृतिक परिवेश किसी के पास नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राम की परंपरा पर हम सबको गौरव की अनुभूति होती है। अयोध्या का नाम आते ही रामराज्य हमारे मन मस्तिष्क में खुद-ब-खुद आ जाता है। रामराज्य शासन की एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें जाति, मत, मजहब, संप्रदाय, क्षेत्र और भाषा के आधार भेदभाव नहीं होता।

ये रहे मुख्य अतिथि
सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में फिजी गणराज्य की उपसभापति वीना भटनागर, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटले भी इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। यह कार्यक्रम पांच दिन तक चलेगा।

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