Home Others गरीब छात्र कर सकें नीट की तैयारी, गरीब छात्रों को फ्री में दिए स्मार्टफोन

गरीब छात्र कर सकें नीट की तैयारी, गरीब छात्रों को फ्री में दिए स्मार्टफोन

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भुवनेश्वर, 

ओडिशा में आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले होनहार छात्रों को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे लॉकडाउन के दौरान राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ उठा सकें। चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए 26 जुलाई को नीट परीक्षा आयोजित होगी। गैर सरकारी संगठन के तत्वावधान में संचालित “जिंदगी फाउंडेशन” के छात्रों के माता-पिता बेहद साधारण परिवारों से आते हैं। छात्रों के माता-पिता में से कोई सब्जी विक्रेता है, कोई मछुआरा है तो कोई किसान है। इनके होनहार बच्चों के सपनों को पंख देने का बीड़ा शिक्षाविद अजय बहादुर सिंह ने उठाया है। सिंह के पिता को किडनी का रोग होने के कारण उन्हें 1990 में चिकित्सा की पढ़ाई छोड़कर परिवार चलाने के लिए चाय और शरबत का व्यवसाय करना पड़ा था।

 

सिंह द्वारा की गई पहल में ओडिशा के दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले 19 छात्रों को 26 जुलाई को होने वाली चिकित्सा प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है। लॉकडाउन के कारण छात्रों को अपने परिवार के पास लौटने पर मजबूर होना पड़ा था। संकट की इस स्थिति में छात्रों के डॉक्टर बनने के सपने न टूटें, इसलिए संगठन ने उन्हें स्मार्टफोन उपलब्ध कराए ताकि वे अध्यापकों द्वारा संचालित ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ उठा सकें। 

 

संगठन के अध्यक्ष अजय बहादुर सिंह ने कहा, 'छात्रों के अनुरोध पर हमने उन्हें लॉकडाउन के दौरान घर जाने की अनुमति दे दी लेकिन नीट परीक्षा के लिए उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए कुछ दिनों के भीतर ही हमने ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था की।' ओडिशा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को चिकित्सा प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने के वास्ते 'जिंदगी फाउंडेशन' वैसी ही पहल है जैसे बिहार में आईआईटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए 'सुपर 30' के संचालक आनंद कुमार कर रहे हैं। सिंह ने बताया कि एक बार पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर के बाहर उन्हें फूल माला बेचने वाली एक लड़की मिली थी जो लोगों से मालाएं खरीदने का आग्रह इसलिए कर रही थी, ताकि उसकी पढ़ाई का खर्च निकल सके। इस घटना से प्रेरित होकर ऐसे छात्रों की सहायता करने के लिए सिंह ने 2016 में भुवनेश्वर में 'जिंदगी फाउंडेशन' की शुरुआत की थी।

 

इस परियोजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों से आने वाले होनहार छात्रों को राज्यभर में आयोजित कराई गई परीक्षा के माध्यम से चुना जाता है और उन्हें शिक्षा के साथ मुफ्त भोजन और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है। संगठन के चार छात्रों ने 2018 में नीट परीक्षा उत्तीर्ण की थी और उनमें से 12 छात्रों को ओडिशा के चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में प्रवेश मिला था। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पिछले साल जुलाई में इन छात्रों की सराहना की थी। 
भाषा 
 

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