Home News पटेल को मिला था बहुमत, फिर प्रधानमंत्री क्यों बने नेहरू: डॉ. पंकज सिंह

पटेल को मिला था बहुमत, फिर प्रधानमंत्री क्यों बने नेहरू: डॉ. पंकज सिंह

लखनऊ

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित कालीचरण पी0जी0 कॉलेज के बाबू श्याम सुन्दर दास सभागार में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। 'सरदार पटेल: कल और आज' विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पंकज सिंह ने कहा कि जब प्रधानमंत्री चुनने की बात हुई तो 13 प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों को यह जिम्मेदारी दी गई, जिसमें 11 प्रान्त अध्यक्षों ने पटेल के पक्ष में वोट किया एक ने नेहरू को, लेकिन इतिहास में यह चुप्पी बनी हुयी है, कि बहुमत के बाद नेहरू को क्यों प्रधानमंत्री बनाया गया।
 

 

पंकज सिंह ने कहा कि आज का दिन एक निशान, एक विधान व एक देश को चुनने का सर्वाधिक उपयुक्त दिन है। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्र के उस व्यक्ति के प्रति श्रृद्धा सुमन है जिसने देश के 49% भूभाग यानि 562 रियासतों को मिलाया था।

 

 

 

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि पटेल तीन लोगों से प्रभावित थे-चाणक्य, अशोक और बिस्मार्क, इनका पटेल के जीवन पर विशेष प्रभाव पड़ा। बिस्मार्क ने जिस तरह जर्मनी का एकीकरण किया था उसी तरह से पटेल ने भारत का एकीकरण किया। चाणक्य की कूटनीति ने और अशोक की संचार एवं लोक कल्याणकारी विचारधारा तथा वैचारिक दृष्टि से छोटे-छोटे राज्य समुदाय को एकीकृत करने की प्रशासनिक कुशलता ने उन पर गहरा प्रभाव डाला। गांधी जी तो उनके प्रत्यक्ष राजनीतिक गुरू थे ही।
 

संगोष्ठी ने डॉ. मीना कुमारी, डॉ. अर्चना मिश्रा, डॉ. मनोज पाण्डेय आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी का संचालन डॉ. अवधेन्द्र प्रताप सिंह ने किया।

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