Home News कोचिंग नहीं, घर से शुरू करें IAS की तैयारी, यहां समझें पूरा प्लान

कोचिंग नहीं, घर से शुरू करें IAS की तैयारी, यहां समझें पूरा प्लान

लखनऊ
IAS बनने की ख्वाहिश रखने वाले छात्र अक्सर यही सोचते हैं कि घर पर सिविल सर्विस (सीएस) के एग्जाम की तैयारी कैसे शुरू की जाए। सीएस एग्जाम की तैयारी के लिए सीधे कोचिंग क्लास में चले जाना ही शुरुआती रणनीति नहीं होनी चाहिए। हम आपको बता रहे हैं कि आप घर पर कैसे सीएस की तैयारी की शुरुआत कर सकते हैं...

 

इतनी होनी चाहिए उम्र और योग्यता
यूपीएससी के डेटा के मुताबिक, सीएस एग्जाम क्लियर करने वाले ज्यादातर कैंडिडेट्स 23-28 साल के होते हैं। आप इसी उम्र के आसपास तैयारी शुरू कर सकते हैं। अगर कोई 15 साल की उम्र से ही तैयारी शुरू कर दे तो यह बहुत जल्दी होगी। आमतौर पर जब आप ग्रेजुएशन के फाइनल इयर में होते हैं तो 20-22 साल की उम्र में तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

 

सीएस एग्जाम की बेसिक्स समझें
तैयारी शुरू करने से पहले आपको कुछ जरूरी जानकारी जुटानी चाहिए। जैसे सिविल सर्विसेज एग्जाम क्या होता है, इसके लिए योग्यता क्या है और कैसा पाठ्यक्रम होता है। बेसिक्स क्लियर होने के बाद आप सही से रणनीति बना सकते हैं। आईएएस प्रीलिम्स और मेन्स एग्जाम की तैयारी में फर्क होता है। प्रीलिम्स के लिए आपको बहुत सारी जानकारी चाहिए होगी लेकिन गहराई से नहीं। लेकिन मेन्स के लिए आपको किसी भी टॉपिक की बहुत गहराई तक जानकारी होनी चाहिए।

 

सही किताबों का चुनाव
तैयारी के लिए सही किताबों का चुनाव बहुत ही जरूरी है। आपको उन किताबों का अध्ययन करना चाहिए जो सीएस एग्जाम के लिए सुझाई जाए। आपको इन किताबों को दो बार पढ़ना चाहिए। पहली बार में तो एक-एक करके सारे चैप्टर पढ़ जाएं। दोबारा में सिर्फ अहम चैप्टरों को पढ़ें। अगर आप प्रीलिम्स या मेन्स से पहले इन किताबों का एक बार फिर अध्ययन कर लें तो काफी अच्छा होगा।

 

सही न्यूजपेपर और मैगजीन पढ़ें
अगर आपको मालूम नहीं हैं तो जान लें कि सिविल सर्विसेज के एग्जाम में करंट अफेयर्स और जनरल अवेयरनेस काफी मायने रखता है। पेपर 1 में करंट अफेयर्स और जनरल अवेयरनेस से कम से कम 30-40 सवाल आते हैं। इन चीजों को कवर करने के लिए आपको रोजाना अच्छे समाचार पत्र और मैगजीन का अध्ययन करना चाहिए।

 

एक शेड्यूल बनाएं और उस पर अमल करें
जब आप घर पर तैयारी शुरू करते हैं तो इस बात का डर रहता है कि आप आराम को तरजीह देंगे। इसके लिए आपको 10-12 महीने की योजना बना लेनी चाहिए। अपने समय को पेपर 1 और 2 में बांट लें। प्रीलिम्स का पेपर 2 सिर्फ क्वालिफाइंग नेचर का है, इसलिए उस पर बहुत ही ज्यादा फोकस न करें। इसकी बजाय आपको पेपर 1 यानी जनरल स्टडी पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

 

आपनी तैयारी का आकलन करें
आपको बार-बार मॉक टेस्ट देना चाहिए। इससे आपको पता चलेगा कि आपकी तैयारी किस दिशा में जा रही है। उस हिसाब से आप अपनी रणनीति में भी बदलाव कर सकेंगे।

RELATED NEWS

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT