Home Interview यूपी में छात्रसंघ चुनाव बहाल हो, छात्र आयोग बनेः अम्लेंद्र त्रिपाठी

यूपी में छात्रसंघ चुनाव बहाल हो, छात्र आयोग बनेः अम्लेंद्र त्रिपाठी

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हरदोई/लखनऊ

कांग्रेस की स्टुडेंट विंग भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) लगातार सरकार के खिलाफ सड़कों पर है। वहीं, सरकार भी कानून का हवाला दे कर एनएसयूआई की बुलंद हो रही आवाज को दबाने का भरसक प्रयास कर रही है। ये बातें एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक अम्लेंद्र त्रिपाठी ने कहीं। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य  मांगों में बहुत से मुद्दे शामिल हैं, जैसे यूपी में छात्रसंघ चुनाव बहाल हो, स्त्री आयोग, एससी/एसटी आयोग की तरह ही छात्र आयोग बने जिससे छात्रों को अपने अधिकारों के लिए लड़ने का एक मंच मिल सके।

 

अम्लेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन को बेरोजगारी दिवस के रूप में मनाया जो कि पूरे विश्व में ट्रेंड किया। जिसका परिणाम ये है कि योगी सरकार ने संविदा पर होने वाली भर्ती का आदेश वापस लिया। वहीं, विपक्ष में होने के नाते बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यूपी सरकार में सबसे ज्यादा FIR छात्रों पर लिखी गई हैं। योगी सरकार के आंकड़े कहते हैं कि लखनऊ लड़कियों-स्त्रियों के लिए सबसे ज्यादा असुरक्षित है।

 

राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि 5 साल से अधिक समय से संविदा पर चल रहे शिक्षकों को स्थायी किया जाए और प्रोफेसर्स की कमी को दूर किया जाए। साथ ही योगी सरकार ने बजट की कमी के कारण स्कॉलरशिप बंद कर दी जिसके कारण बहुत से बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बंद होने वाले डिग्री कॉलेज को सरकार द्वारा अनुदान दिया जाए। 

 

23 मार्च को लगाए गए सम्पूर्ण लॉकडाउन को अगर होली के बाद ही लगा दिया जाता तो मजदूरों और आम लोगों को इतनी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता लेकिन सरकार अपनी तानाशाही और पूर्ण बहुमत के नशे में इतना चूर थी कि उसे जनता का दर्द दिखा ही नहीं।

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