Home Experts-column जरा हटके हैं ये कोर्स, खूब मिलेंगे मौके

जरा हटके हैं ये कोर्स, खूब मिलेंगे मौके

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अगर आपका जुनून और पेशा एक ही है तो सफलता के शिखर तक पहुंचने से आपको कोई नहीं रोक सकता। डॉक्टर और इंजिनियर न बनकर अगर आप भी कुछ अलग करना चाहते हैं तो यहां हैं कुछ ऑफबीट कोर्सेज आपकी सहायता कर सकते हैं।

 

बनें धरोहरों के संरक्षक

 

म्यूजियोलॉजी एक तरह का विज्ञान है जिसमें म्यूजियम यानी संग्रहालय के प्रबंधन और प्रशासन का अध्ययन किया जाता है। इसमें स्टूडेंट्स को एक खास अवधि या देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रिजर्वेशन और कंजर्वेशन पर ध्यान देना होता है। म्यूजियोलॉजी कोर्स में छात्रों को संग्रहालय के दर्शन और बदलते वक्त के साथ इसमें आ रहे नए बदलाव आदि के बारे में जानकारी दी जाती है। साथ ही आर्ट गैलरी की देखभाल, उसका प्रेजेंटेशन, संरक्षण, प्रदर्शित कलाओं की जानकारी, कलेक्शन, डिजाइनिंग, आर्टीफैक्ट्स के डॉक्यूमेंटेशन के बारे में भी बताया जाता है। इसके अलावा, सब्जेक्ट से मार्केटिंग क्वॉलिटीज भी बताई जाती हैं, ताकि छात्रों को नौकरी मिलने में कोई परेशानी न हो। तो म्यूजियॉलजी में डिग्री लेने से आप अपने जुनून को फॉर्मल एजुकेशन के साथ और बेहतर बना सकते हैं।


 

पपेट्री में बना सकते हैं करियर

 

भारत में इस कला का भविष्य बेहद उज्जवल है, बशर्ते लोग इस कला को मन लगाकर सीखें। 5 साल पहले मुंबई यूनिवर्सिटी यह कोर्स शुरू किया गया था। इस कोर्स में स्क्रिप्ट लिखना, पपेट्री का इतिहास, पपेट डॉल बनाना, प्ले और लोक कथा सुनाना शामिल हैं। भारत में पपेट्री कला दम तोड़ रही है क्योंकि लोग पपेट्री को मनोरंजन से आगे नहीं देख पाते और वे नहीं समझ पाते कि इसका स्कोप पढ़ाने, सोशल वर्क और काउंसिलिंग वगैरह में भी है। पपेट्री को कई क्षेत्र के साथ जोड़ा जा सकता है जैसे काउंसिलिंग में पपेट थेरपी, लैंग्वेज डिवेलपमेंट, सोशल वर्क, थिअटर। इन क्षेत्रों में पपेट्री को जोड़ने को चलते आने वाले भविष्य में पपेट्री कलाकार की मांग बढ़ने वाली है।


 

लेदर गुड्स ऐंड अक्सेसरीज डिजाइन में अपार संभावना

 

भारत में फैशन डिजाइनिंग में ही लेदर डिजाइनिंग तेजी से बढ़ने वाली फील्ड है। कई प्रॉडक्ट्स जैसे, फुटविअर, बेल्ट्स और बैग्स वगैरह भारत में बनते और विदेशों तक में एक्सपोर्ट किए जाते हैं। इस वजह से इस फील्ड में काफी स्कोप है। फुटविअर डिजाइन ऐंड डिवेलपमेंट इंस्टिट्यूट (एफडीडीआई), कोलकाता में लेदर गुड्स ऐंड अक्सेसरीज डिपार्टमेंट हेड बासुमित्र घोष बताते हैं, 'ज्यादातर लोगों को फैशन डिजाइनिंग के बारे में पता होता है लेकिन इसके स्पेशलाइजेशंस के बारे में जानकारी नहीं होती। ऐसा इसलिए है कि ऐसे ऑफबीट कोर्स सरकारी संस्थानों में होते हैं, जिनकी मार्केटिंग नहीं होती।'

 

आप प्रडक्शन ऐनालिस्ट, मर्चेंडाइजर, डिजाइनर बनने के साथ विश्व विख्यात ब्रैंड्स जैसे प्राडा और गुच्ची के साथ भी काम कर सकते हैं। गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजिनियरिंग ऐंड लेदर टेक्नॉलजी, कोलकाता, कर्नाटक इंस्टिट्यूट ऑफ लेदर टेक्नॉलजी, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग, सेंट्रल फुटविअर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट आगरा जैसे इंस्टिट्यूट्स लेदर गुड्स ऐंड अक्सेसरीज डिजाइनिंग कोर्स चलाते हैं।

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