Home News लखीमपुर: कैसे बनें अच्छा टीचर, युवराज दत्त महाविद्यालय में दिए गए टिप्स

लखीमपुर: कैसे बनें अच्छा टीचर, युवराज दत्त महाविद्यालय में दिए गए टिप्स

लखीमपुर
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर स्थित युवराज दत्त महाविद्यालय में बुधवार को तीन दिवसीय शिक्षण कार्यशाला सम्पन्न हुई। कार्यशाला में शिक्षण से संबंधित विभिन्न शंकाओं का समाधान करने के साथ-साथ अच्छा शिक्षक बनने के टिप्स भी दिए गए।

 

युवराज दत्त महाविद्यालय के शिक्षा विभाग में 4 नवम्बर 2019 से चली आ रही तीन दिवसीय सूक्ष्म शिक्षण कार्यशाला का समापन बुधवार को हुआ। उक्त कार्यशाला में बीएड विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ. विशाल द्विवेदी जी ने सूक्ष्म शिक्षण की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए विभिन्न कौशलों जैसे शैक्षणिक लक्ष्य लेखन, पाठ प्रस्तावना कौशल, प्रश्न पूछने में प्रवाहशीलता कौशल, खोजपूर्ण प्रश्न कौशल, स्पष्टीकरण कौशल, उद्दीपन परिवर्तन कौशल, दृष्टांत कौशल आदि की विस्तृत व्याख्या की। द्विवेदी ने बताया कि छात्र अध्यापक विभिन्न कौशलों का प्रयोग कर अच्छे अध्यापक के सारे गुणों को प्राप्त कर सकते है।

 

डॉ. द्विवेदी ने छात्र अध्यापकों को विभिन्न वर्गों में विभाजित कर अलग अलग कौशलों के महत्व को समझाते हुए अभ्यास करवाया। इस अवसर पर कार्यशाला में डॉ सत्यनाम ने भी सूक्ष्म शिक्षण के महत्व को रेखांकित किया और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। विद्यालय के प्राचार्य डॉ डी. एन . मालपानी ने छात्रों को बताया कि वे उक्त कार्यशाला में बताए गए कौशलों का अभ्यास करके व्यावहारिक शिक्षण क्षेत्र में आने वाली बाधाओं का निस्तारण कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षण एक बेहद जिम्मेदारी वाला काम है, ऐसे में शिक्षण क्षेत्र में आने वाली प्रत्येक चुनौती के लिए तैयार रहें।

 

कार्यशाला के अंत में छात्र अध्यापकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समुचित उत्तर देकर उनकी शंकाओं का निस्तारण किया गया और उन्हें भावी शिक्षण हेतु प्रोत्साहित किया गया। अंत में विभागाध्यक्ष द्वारा प्राचार्य एवं अन्य शिक्षक साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उक्त कार्यशाला में काफी संख्या में छात्र अध्यापक उपस्थित रहे।

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