Home College एनसीईआरटी ने शुरू की ऑनलाइन क्लास, यूं हो रही पढ़ाई

एनसीईआरटी ने शुरू की ऑनलाइन क्लास, यूं हो रही पढ़ाई

EduBeats

लखनऊ

लॉकडाउन की वजह से सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। इस स्थिति में बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने और उनकी समस्या को सॉल्व करने के लिए एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) ने पहल की है। इसमें (कक्षा छठी से आठवीं) के सभी पाठ्यक्रमों के लिए वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर भी जारी किया है। यह जानकारी मंगलवार को एनसीईआरटी ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर दी। एनसीईआरटी ने किशोर मंच के जरिए कैलेंडर शिक्षा को अधिक दिलचस्प बनाने के लिए विभिन्न तकनीक और सोशल मीडिया से जोड़ा है। इसके अलावा ऑनलाइन इंट्रैक्शन के लिए पाठ्यक्रम के अनुसार एक्सपर्ट क्लास की व्यवस्था की गई है, जिनका उपयोग करके बच्चे घर पर अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

 

यू-ट्यूब और एटीएच चैनल पर चलेगी क्लास
एनसीईआरटी की क्लास यू-ट्यूब चैनल के अलावा स्वयं प्रभा, डीटीएच टीवी चैनल नंबर 31, किशोर मंच, टाटा स्काई चैनल नंबर 756, एयरटेल के चैनल नंबर 440, डीडी फ्री डिश के चैनल नंबर 128, डिश टीवी के चैनल नंबर 950, वीडियोकॉन के चैनल नंबर 447 सनडायरेक्ट के चैनल नंबर 793 नंबर व जियो टीवी एप्लीकेशन पर प्रसारित होगी। लॉकडाउन की स्थिति में बच्चे घर में, अभिभावकों और शिक्षकों की सहायता से अपने महत्वपूर्ण विषयों की ऑन्लाइन इंट्रैक्शन क्लास ले सकें।

 

पाठ्यक्रमों के अनुसार बनाया गया शेड्यूल
एनसीईआरटी ने ऑनलाइन लाइव इंट्रैक्शन सेशन के लिए सभी पाठ्यक्रमों की क्लास निर्धारित शेड्यूल पर जारी की है। ताकि बच्चों को बेहतर तरीके से ऑनलाइन शिक्षा मिल सके। इसमें डेट, टाइम और क्लास के साथ पाठ्यक्रम को पढ़ाने वाले टीचर के बारे में भी जानकारी दी गई है। खासतौर पर महत्वपूर्ण विषयों के एनसीईआरटी एक्सपर्ट, राज्य स्कूल शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा बोर्ड्स, केन्द्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति समेत तमाम संस्थाओं के साथ विडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डीटीएच चैनल पर निर्धारित समय से बच्चों के साथ रूबरू होंगे।

 

'बच्चों को होगा फायदा'
राजाजीपुरम सरस्वती शिशु मंदिर की शाखा के प्रधानाचार्य मिथलेश तिवारी एनबीटी को बताया कि पाठ्यक्रम और कक्षा के अनुसार यह पहल काफी अच्छी है। सरकार भगत सिंह इंटर कॉलेज के टीचर पंकज दूबे ने बताया कि एनसीईआरटी ने बच्चों के दृष्टिकोण को मोड़ा है। यह शिक्षकों व बच्चों के लिए मददगार साबित है।

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