Home College एक भारत-श्रेष्ठ भारत के ध्येय को मज़बूत करते हैं बाबा साहब के विचार: अजीत प्रताप सिंह

एक भारत-श्रेष्ठ भारत के ध्येय को मज़बूत करते हैं बाबा साहब के विचार: अजीत प्रताप सिंह

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उन्नाव
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 63वीं पुण्यतिथि को सामाजिक समरसता दिवस के रूप में उन्नाव में मनाया गया। इस दौरान शिवराज सिंह पटेल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ऊगू, बांगरमऊ में आयोजित संगोष्ठी में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य तथा प्रान्त मीडिया संयोजक अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि बाबा साहब का मानना था कि हम सब भारतीय हैं। सबसे पहले और सबसे अंत में भी भारतीय हैं। बाबा साहब ने कहा था कि जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिये। और किसी भी व्यक्ति को महान बनने का सबसे प्रमुख आधार शिक्षा है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सस्ती और सुलभ शिक्षा प्रदान करने के लिये बाबा साहब ने संविधान का निर्माण किया, जिसमें प्रत्येक मनुष्य के लिये सामान्य अधिकार और शिक्षा के अधिकारों का उल्लेख प्रमुखतः से किया गया है।

 

इस दौरान विभाग संयोजक उदय प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान युवा पीढ़ी को बाबा साहब को पढ़ने और उनके संघर्षो से सीख लने की आवश्यकता है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार श्रीवास्तव, विद्यालय प्रबंधक पीयूष पटेल, जिला सह संयोजक कुलदीप चौहान और अंकुश आजाद सहित सैकड़ो विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

 

दूसरी ओर बी. आर, अंबेडकर इंटर कॉलेज उन्नाव में आयोजित कार्यक्रम में अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि बाबा साहब के विचार एक भारत-श्रेष्ठ भारत के ध्येय को मज़बूत करते हैं। बाबा साहब का कहना था कि हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जहां सभी को समान अवसर प्राप्त हों चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो, रोज़गार हो या स्वास्थ्य जैसी मूलभूत आवश्यकताएं, सभी को समान अवसर प्राप्त होना चाहिए। आज की युवा पीढ़ी को बाबा साहब के संघर्ष व विचारों को एक बार अवश्य पढ़ना चाहिए। 

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