Home Blogs वालिदैन की  ख्वाहिशों का गला घोट दिया बुजर्गी में

वालिदैन की  ख्वाहिशों का गला घोट दिया बुजर्गी में

EduBeats

माँ बाप को वृद्धाश्रम भेज कर, जो आजादी मना रहे हैं। 
वहीं आज पूर्वजों का विधि विधान से तर्पण करा रहे हैं।। 

 

जीवन भर जो तरस गये प्यार अपनेपन और पानी को। 
लोग आजकल दिखावटी दुनिया में परम्परा बढ़ा रहे है।। 

 

वालिदैन की  ख्वाहिशों का गला घोट दिया बुजर्गी में। 
खुद तो बीबी बच्चों के साथ होटलों मे पार्टी उड़ा रहे हैं।। 

 

महज दिखावट पसंद है बेशक्ली को ही आईना दिखा रहे हैं।
गिरे को न उठाया भूखे को खिलाया नहीं सिर्फ ढ़कोसलें चला रहे हैं।। 

 

जिनके टुकड़ों पर पले बढे़ दुनिया की चकाचौंध मे इतरा रहे हैं। 
उनके लिये बस श्राद्ध सी श्रद्धा है वहीं समाजसेवी बन कर आ रहे हैं।। 

 

अपनी ही औलाद का दुर्व्यवहार देखकर ईश्वर से खैर मना रहे हैं। 
घर मे होती रोज लजीज पार्टीयां उधर बूढे़ अपनी रोटियाँ पका रहे हैं।।

करन त्रिपाठी
हरदोई

डिस्क्लेमर:
हम अपने रचनाकारों से अपेक्षा करते हैं कि इस सेक्शन में प्रकाशित करने के लिए वे जो भी रचनाएं हमें भेजते हैं, वे उनकी मौलिक रचनाएं होती हैं। हालांकि हम उसे क्रॉस वेरीफाई करते हैं फिर भी यदि कोई विवाद होता है तो आप हमें हमारे हेल्पलाइन नम्बर 08874444035 पर बता सकते हैं। सभी विवादों का न्याय क्षेत्र लखनऊ होगा।

RELATED NEWS

ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT