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लिखते लिखते नहीं हाथ थकते मेरे, दिल के अरमान यूं ही ना बचते मेरे

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हम तो आजाद हैं हम तो आजाद हैं
हम तो आजाद हैं हम तो आजाद हैं

 

बंदिशों से सदा उनकी लाचार हैं,
उनको लगता सदा हम तो बेकार हैं।
नफरतें फिर पनपने लगी हैं गुरु,
छोड़ दी हमने जबसे वो तलवार है।
कह दो पहले से हम यारों बर्बाद हैं,
हम तो आजाद हैं हम तो आजाद हैं।

 

लिखते लिखते नहीं हाथ थकते मेरे,
दिल के अरमान यूं ही ना बचते मेरे।
देश की मेरे हालत भी बर्बाद है,
हम तो आजाद हैं हम तो आजाद हैं।

 

देखकर लोग कहते हमारा हमें,
कई लोगों की नफरत ने मारा हमें।
वो जो नफरत थी हम उनके संवाद हैं,
हम तो आजाद हैं हम तो आजाद हैं।

 

उनको लगता अभी भी आवारे हैं हम,
उनकी यादों के लम्हे गुजारे हैं हम।
धड़कने उनके दिल की तो बढ़ने लगीं,
फिर वो कहते हैं किस्मत के मारे हैं हम।
बोल दो हम सही वो तो अपवाद हैं,
हम तो आजाद हैं हम तो आजाद हैं।

 

हम तो आजाद हैं हम तो आजाद हैं,
हम तो आजाद हैं हम तो आजाद।

 

शिवम अन्तापुरिया

उत्तर प्रदेश

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