Home Blogs नफरतों की आड़ में दबाने मत लगना, कह गया हूं जो बस वहीं ध्यान रखना

नफरतों की आड़ में दबाने मत लगना, कह गया हूं जो बस वहीं ध्यान रखना

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हरा सके जो मुझको विवेक मेरा वहीं,
टिक सके जो सामने ऐसा कोई नहीं।


चिंगारियों से निकला आग बन गया,
टिक सके जो सामने खाक हो गया।


अभिकर्ता नहीं हूं मैं तेरा जो तेरी मैं सुनू,
रब ने जो दिया बस वहीं कबूल करूँ।


नफरतों की आड़ में दबाने मत लगना,
कह गया हूं जो बस वहीं ध्यान रखना।


खौफ तो है नहीं सेवक जो कहलाऊँ,
भक्ति हमारी धरा की बस माँ भारती की गाऊँ ।


देवेंद्र नारायण लोहिया
प्रयाग जिला

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