Home Blogs खुला पत्र: लूटा से लेकर छात्रों तक के मुद्दे, इन समस्याओं पर ध्यान जरूर दें शुक्ला सर!

खुला पत्र: लूटा से लेकर छात्रों तक के मुद्दे, इन समस्याओं पर ध्यान जरूर दें शुक्ला सर!

EduBeats

प्रिय एसके शुक्ल जी,
सर्वप्रथम तो आपको लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में जिम्मेदारी मिलने पर बहुत-बहुत बधाई। इस खुले पत्र के माध्यम से सबसे पहले तो मैं यह लोगों को बता देना चाहती हूं कि मैंने बीते कुछ समय में आपके के बारे में जितना सुना है और निजी मुलाकात में आपसे जितनी बात हुई है, उसके आधार पर यह कह सकती हूं कि आप बहुत ही सुलझे हुए इंसान हैं। लेकिन इन सबके साथ मैं एक पत्रकार की हैसियत से कुछ विषयों पर आपका ध्यान इंगित करना चाहती हूं। उम्मीद है, छात्र, शिक्षक एवं व्यवस्था की बेहतरी के लिए आप इनपर ध्यान देंगे।

 

लूटा की मांगों को न करें नजरंदाज
एजुकेशन बीट्स पिछले लंबे समय से लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के आंदोलन को प्रमुखता से कवर कर रहा है। शिक्षा पर केन्द्रित हमारे न्यूज पोर्टल का प्राथमिक उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में होने वाले भ्रष्टाचार को सामने लाना है। हम अपेक्षा करते हैं कि आप इस मुहिम में हमारा साथ देकर छात्रों को एक बेहतर नागरिक बनाने में मदद करेंगे। लूटा ने बीते समय में कई ऐसे मुद्दे उठाए हैं, जिनका सीधा सरोकार छात्रों से है। लूटा ने आरोप लगाए हैं विश्वविद्यालय में विभिन्न मामलों में भ्रष्टाचार करके छात्रों के हक के पैसे को गलत जगह लगाया गया। अब आपके पास शक्तियां हैं, कहते हैं कि बड़ी शक्तियों के साथ बड़ी जिम्मेदारी स्वतः जुड़ जाती है। अतः आपसे निवेदन है कि लूटा द्वारा उठाए गए मुद्दों का संज्ञान लें और जितना जल्दी हो सके, उनपर कार्रवाई करें।

 

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शिक्षा को व्यापार बनने से रोकें
एजुकेशन बीट्स ने कुछ समय पहले एक स्टिंग ऑपरेशन किया था, जिसमें साफ पता लग रहा था कि किस तरह से विभिन्न प्राइवेट कॉलेजों में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अंत समय तक ऐडमिशन हुए हैं। इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई जो इस भ्रष्टाचार पर रोक लगा सके। हम अपना काम कर रहे हैं, अब गेंद आपके पाले में है। कृपया उसका गंभीरता से संज्ञान लीजिए, जिससे हमारा मनोबल भी बढ़े और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन का एक मार्ग प्रशस्त हो।

 

छात्रों की आवाज को जिद न बनने दें
सर, आज लविवि में छात्रसंघ नहीं है, छात्रों की आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। बीते समय में सफाई न होने से लेकर पीने का पानी तक न मिलने के मामले सामने आए। हॉस्टलों की गंदगी तो हमारे रिपोर्टर ने खुद अपनी आंखों से देखी। ये बेसिक चीजें हैं, जो ठीक होनी चाहिए। हमने देखा है कि छात्र इन चीजों के लिए आंदोलन करते हैं, जबकि ये उनका बुनियादी हक है, इसके लिए अगर उन्हें आंदोलन करना पड़ रहा है तो यह बात स्पष्ट है कि वे कहीं न कहीं अपने पढ़ाई के समय को बर्बाद कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान छात्रों पर कार्रवाई हो जाती है, जो कि तब होनी चाहिए जब कि उनकी मांग नाजायज हो, लेकिन यदि उनकी मांग जायज है तब तो विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे काम करें कि छात्र आंदोलन के लिए खड़े ही न हों। कृपया इस विषय पर जरूर ध्यान दें, क्योंकि अगर उन्होंने आवेश में किसी चीज को जिद बना लिया तो वह भविष्य के हित में नहीं होगा।

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आपके सहयोग की है आवश्यकता
शुक्ल जी! एजुकेशन बीट्स अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझता है और इसे लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हम छात्र हितों के लिए लगातार काम कर रहे हैं। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के छात्रों ने परिक्षाओं से पहले हमारे हेल्पलाइन नंबर 8874444035 पर मैसेज करके ये आरोप लगाए हैं कि उनके कॉलेज में एडमिट कार्ड के पैसे लिए हैं। उनसे कभी अटेंडेंस के नाम पर अवैध वसूली की जाती है तो कभी अन्य मदों का सहारा लेकर। हम अभी उन कॉलेजों के नाम उजागर नहीं कर रहे हैं, लेकिन हम इस मामले की पूर्ण जांच करने के बाद इसे जरूर प्रकाशित करेंगे। आपसे निवेदन है कि अपने स्तर पर भी इस मामले की जांच कराएं, ताकि छात्रों के भविष्य को सुनहरा बनाया जा सके। आपका सहयोग ही हमारी ताकत है।
                                                                                   धन्यवाद

 

आपके उत्तर की प्रतीक्षा में,
दिव्या गौरव त्रिपाठी
रेजिडेंट एडिटर
www.educationbeats.com
E-mail: divyag6586@gmail.com

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