Home Website लविवि में बिना जांच शिक्षकों को नोटिस जारी, भड़का लूटा

लविवि में बिना जांच शिक्षकों को नोटिस जारी, भड़का लूटा

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लखनऊ

लखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) के लेखा विभाग की ओर से शिक्षकों को अडवांस लेकर हिसाब न देने के मामले में जारी की गई नोटिस का लूटा ने कड़ा विरोध किया है। लूटा के महामंत्री डॉ. विनीत वर्मा का आरोप है कि जिन्हें नोटिस भेजा गया है, उनमें से ज्यादातर शिक्षकों ने काफी समय पहले ही अपना ब्योरा दे दिया है। वर्मा का कहना है कि ऐसे में उन्हें नोटिस देना गलत है और यह सब एलयू प्रशासन बदले की भावना से कर रहा है।

 

डॉ. वर्मा ने बताया कि नोटिस में प्रो. रानू उनियाल, प्रो. एनके पांडेय, एसोसिएट प्रोफेसर बबिता जायसवाल और डॉ. रतन सहित कई ऐसे शिक्षक हैं जिन्होंने अडवांस लिया था, उन्होंने इसका हिसाब-किताब दे दिया है। लेकिन एकाउंट विभाग की गलती के चलते शिक्षकों को निशाना बनाना गलत है। लूटा ने सवाल उठाया कि नोटिस जारी करने से पहले दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं की गई? यह सारा मामला जानबूझ कर किया गया है ताकि लूटा की ओर से चेक क्लोनिंग मामले में कार्रवाई की मांग दबाई जा सके।

 

आपको बता दें कि लेखा विभाग की कार्रवाई से शिक्षक भी नाराज हैं। शिक्षकों का कहना है कि यदि किसी शिक्षक का एडवांस का हिसाब मिलना बाकी था तो सेवानिवृत्त के समय उन्हें नो ड्यूज क्यों दिया गया। इससे साफ है कि यह नोटिस बिना जांच पड़ताल के जारी की गई है।
 

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