Home Website गवर्नर के लाइव के दौरान #SaveMCUnoida लिखा, कार्रवाई की 'धमकी' पर अल्युमनाई ने दिया करारा जवाब

गवर्नर के लाइव के दौरान #SaveMCUnoida लिखा, कार्रवाई की 'धमकी' पर अल्युमनाई ने दिया करारा जवाब

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नोएडा 
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय परिवार को कोरोना संकट के दौरान शनिवार हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल लालजी टंडनजी ने संबोधित किया और छात्रों को प्रेरित किया। इस दौरान कुछ पूर्व और वर्तमान छात्रों ने उद्बोधन में अपने निरंतर संदेशों से विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस को बचाने की मांग की। छात्रों का कहना था कि गर्वनर को मुख्यमंत्री और कुलपति से बात करके इसकी गंभीरता को समझना चाहिए।

 

वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन इसे अनुशासनहीनता बता रहा है। विश्वविद्यालय का कहना है कि राजभवन ने भी इसका संज्ञान में लिया है और विद्यार्थियों के खिलाफ कड़ी कारवाई करने की बात भी कही है। इस बारे में एजुकेशन बीट्स ने मध्य प्रदेश राजभवन का पक्ष जानने की कोशिश की लेकिन बात नहीं हो पाई। 

 

दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नोएडा परिसर का बने रहना या न रहना विश्वविद्यालय के विधान से जुड़ा विषय है। यह विषय महामहिम के उद्बोधन के दौरान उठाने का कोई अर्थ नहीं था। प्रशासन ने साफ कहा है कि भविष्य में अगर व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों द्वारा आज की तरह बाधा डालने की हरकत की गई तो कड़ी अनुशासनात्मक कारवाई की जाएगी।

 

हालांकि छात्रों का कहना है कि गवर्नर हमारे कुलाधिपति और अभिभावक हैं, ऐसे में हम अपने अभिभावक के पास नहीं जाएंगे तो कहां जाएंगे। छात्र किसी भी अवस्था में मुद्दे को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। वहीं विश्वविद्यालय के नोएडा परिसर के अल्युमनाई विश्वविद्यालय द्वारा दी जा रही चेतावनी पर भड़क गए हैं।

 

परिसर के पूर्व छात्र उत्कर्ष वाजपेई ने कहा कि विश्वविद्यालय अब तानाशाही करके छात्रों को डरा रहा है। वह ये भूल गया है कि वर्तमान छात्रों को पूर्व छात्रों का पूरा समर्थन प्राप्त है, अगर इस तरह से छात्रों को धमकियां दी गईं, तो कुलपति से लेकर सरकार तक हिल जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार अमानवीय श्रेणी में आता है। वहीं लाइव के दौरान की गईं टिप्पणियों को लेकर पूर्व छात्र वं जाने-माने एंकर रूपेश मिश्रा ने कहा कि राजभवन ने अगर उन मेसेज का संज्ञान लिया है तो अच्छी बात है, हम भी यही चाहते थे कि गर्वनर उसका संज्ञान लें, लेकिन कार्रवाई की बात करना गलत है। उन्होंने कहा कि क्या अभिव्यक्ति की आजादी पर बैन लग गया है?

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